Shivraj Singh Chauhan News: मध्य प्रदेश में 18 साल तक मुख्यमंत्री रहे शिवराज सिंह चौहान अब प्रदेश के मुखिया नहीं रहे। ऐसे में अब लोगों के मन में यही सवाल है कि अब आखिर लाडली बहनों के भैया शिवराज सिंह चौहान क्या करेंग? दरअसल, शिवराज सिंह चौहान पहले ही दिल्ली जाने से इनकार कर चुके हैं।
शिवराज सिंह चौहान के पास अभी फिलहाल कोई जिम्मेदारी नहीं है ऐसे में भी क्या करेंगे इस सवाल पर प्रदेश की वरिष्ठ पत्रकार महेश श्रीवास्तव ने दावा करते हुए कहा कि शिवराज सिंह चौहान बहद ही परिश्रमी और और पार्टी के लिए समर्पित भाव से काम करने वाले व्यक्ति हैं। हिंदुस्तान में उनके जैसा परिश्रमी मुख्यमंत्री अब तक किसी ने नहीं देखा। इसलिए संघ और संगठन उन्हें कोई बड़ी जिम्मेदारी देगा, जिससे लोकसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी को फायदा मिले।
वरिष्ठ पत्रकार की माने तो शिवराज सिंह चौहान को RSS खाली बैठने नहीं देगा। वही शिवराज के दिल्ली नहीं जाने के बयान पर उन्होंने कहा कि शिवराज को अगर संगठन और संघ बड़ी जिम्मेदारी देता है तो वे काम करेंगे। लेकिन वह अपने लिए कुछ मांगने दिल्ली नहीं जाएंगे। क्योंकि शिवराज ने अभी एक दिन पहले ही बयान दिया था कि मैं अपने लिए मांगने से अच्छा, मरना पसंद करूंगा।
अब महिलाओं का कैसे भला करेंगे शिवराज सिंह चौहान
वाइस पत्रिका महेश श्रीवास्तव का मानना है कि प्रदेश में लाडली बहन योजना का इंपैक्ट काफी था। शिवराज सिंह चौहान ने प्रदेश में महिलाओं को सशक्त बनाने के लिए योजनाएं चलाई है।उनका लाभ भी महिलाओं तक पहुंचा है। वास्तव में शिवराज सिंह चौहान जन-जन के लाडले नेता है। तभी नए मुख्यमंत्री की शपथ ग्रहण के दौरान लोगों ने उन्हें घेर लिया और उनके काम के लिए उन्हें याद किया।
अगर शिवराज केंद्र सरकार में भी शामिल होते हैं, तो निश्चित रूप से ही वे महिलाओं को सशक्त करने के लिए आगे भी काम करेंगे। हो सकता है कि लाडली बहना जैसी योजना कैंद्र में भी देखने को मिले। अगर भाजपा संगठन शिवराज उपयोग नहीं करता तो यह संगठन और भाजपा सरकार दोनों को कमजोर करने वाली बात होगी।
शिवराज सिंह चौहान ने चेंज किया सोशल मीडिया प्रोफाइल
बता दे मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर प्रोफाइल भी चेंज कर लिया है उन्होंने अपने प्रोफाइल में भाई और मामा के साथ फॉर्मर चीफ मिनिस्टर मध्य प्रदेश लिखा है। यानी अब प्रदेश में उनकी छवि पूर्व मुख्यमंत्री से ज्यादा भाई और मामा से ही जानी जाएगी। गौरतलब है कि शिवराज सिंह चौहान की विदाई के समय कु345छ महिलाएं रोने लगी थी।