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Ladli bahana Yojana Madhya Pradesh
लाडली बहना योजना
| विभाग | महिला एवं बाल विकास विभाग |
| योजना का नाम | लाडली बहना योजना |
| हितग्राही मूलक है या नही | |
| अधिकार क्षेत्र | राज्य प्रवर्तित योजना |
| योजना कब से प्रारंभ की गयी | 2023-03-15 |
| योजना का उद्येश्य | प्रदेश में महिला सशक्तिकरण की दिशा में महिलाओं के आर्थिक स्वावलंबन,उनके स्वास्थ एवं पोषण स्तर में सतत सुधार एवं परिवार के निर्णयों में उनकी भूमिका सुदृढ़ करने हेतु शासन द्वारा मुख्यमंत्री लाडली बहना योजना प्रारंभ की जा रही है. |
| लाभार्थी के लिए आवश्यक शर्ते / लाभार्थी चयन प्रक्रिया | योजना अंतर्गत पात्रता :- योजना के अंतर्गत ऐसी श्रेणी की महिला पात्र होफी जो- * मध्यप्रदेश में स्थानीय निवासी हों. * विवाहित हो, जिनमें विधवा, तलाकशुदा एवं परित्यक्ता महिला भी सम्मिलित होंगी. * आवेदन के कैलेंडर वर्ष में, 01 जनवरी की स्तिथि में 23 वर्ष पूर्ण कर चुकी हों तथा 60 वर्ष की आयु से कम हो. |
| लाभार्थी वर्ग | सामान्य ,अन्य पिछड़ी जाति ,अनुसूचित जाति ,अनुसूचित जनजाति ,अल्पसंख्यक ,पीडित महिला |
| लाभार्थी का प्रकार | महिला ,परित्यक्ता ,विधवा ,गर्भवती महिला ,धात्री माता |
| लाभ की श्रेणी | वित्तीय सहायता /भत्ता |
| योजना का क्षेत्र | Urban and Rural |
| आवेदन/संपर्क/पंजीयन/प्रशिक्षण कहाँ करें | कैंप/ ग्राम/ पंचायत/ वार्ड कार्यालय/ आंगनवाड़ी केन्द्रों के माध्यम से |
| पदभिहित अधिकारी | |
| समय सीमा | |
| आवेदन प्रक्रिया | योजना अंतर्गत अपात्रता :- • जिनके परिवार की सम्मिलित रूप से वार्षिक आय 2.5 लाख से अधिक हो, जिनके परिवार का कोई भी सदस्य आयकरदाता हो. • जिनके परिवार का कोई भी सदस्य भारत सरकार अथवा राज्य सरकार के स्वास्थ्य विभाग उपक्रम मंडल स्थानीय निकाय में नियमित स्थाई कर्मी संविदा कर्मी के रूप में नियोजित हो अथवा सेवानिवृत्ति उपरांत पेंशन प्राप्त कर रहा हूं परंतु महान सेवी कर्मी तथा आउटसोर्सिंग एजेंसी के माध्यम से नियोजित कर्मचारी अपात्र नहीं होंगी. • जो स्वयं भारत सरकार/राज्य सरकार की किसी भी योजना के अंतर्गत प्रतिमाह राशी रुपए 1000/- या उससे अधिक की राशि प्राप्त कर रही है. • जिनके परिवार का कोई सदस्य वर्तमान अथवा भूतपूर्व सांसद विधायक हो • जिनके परिवार का कोई सदस्य भारत सरकार अथवा राज्य सरकार के बोर्ड/निगम/मंडल/उपक्रम का अध्यक्ष/ उपाध्यक्ष/संचालक सदस्य हो. • जिनके परिवार का कोई सदस्य स्थानीय निकायों में निर्वाचित जनप्रतिनिधि(पंच एवं उपसरपंच को छोड़कर) हो. • जिनके परिवार के सदस्यों के पास संयुक्त रुप से कुल 5 एकड़ से अधिक कृषि भूमि हो.(यहां पर परिवार का अर्थ पति-पत्नी एवं आश्रित बच्चों से) • जिनके परिवार के सदस्यों के नाम से पंजीकृत चार पहिया वाहन (ट्रैक्टर सहित) रहे हो. |
